लखनऊ,20 मई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश सरकार सड़क हादसों को कम करने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए तकनीक का सहारा ले रही है। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने अपनी लगभग सभी बसों को लाइव ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ दिया है। अब लखनऊ स्थित कंट्रोल सेंटर से बसों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

यूपीएसआरटीसी के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश की 13,500 से ज्यादा बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाए गए हैं। इन बसों में हर दिन 16 लाख से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। सरकार का मकसद यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा का अनुभव देना है।
बसों की निगरानी के लिए लखनऊ मुख्यालय में 24 घंटे कमांड एंड कंट्रोल सेंटर काम कर रहा है। इसके अलावा प्रदेश के 20 रीजनल मॉनिटरिंग सेंटर भी लगातार एक्टिव रहते हैं। यहां से बसों की रफ्तार, ओवरस्पीडिंग, तेज ब्रेक, अचानक मोड़ और तय रूट से हटने जैसी गतिविधियों पर नजर रखी जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि हर दिन बसों की रिपोर्ट तैयार की जाती है। अगर किसी चालक की लापरवाही सामने आती है तो उसे चेतावनी दी जाती है या कार्रवाई की जाती है। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिल रही है।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों में पैनिक बटन भी लगाए गए हैं। किसी हादसे या आपात स्थिति में बटन दबाते ही अलर्ट सीधे यूपीएसआरटीसी कमांड सेंटर और यूपी पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंच जाता है। इसके बाद संबंधित विभाग तुरंत चालक और परिचालक से संपर्क कर जरूरी मदद उपलब्ध कराते हैं।
निगम के मुताबिक हर दिन 5 हजार से ज्यादा अलर्ट प्राप्त होते हैं। जरूरत के हिसाब से यात्रियों और बस स्टाफ को तुरंत सहायता दी जाती है।
यात्रियों की सुविधा के लिए यूपीएसआरटीसी ने “ट्रैक माई बस” सुविधा भी शुरू की है। इसके जरिए यात्री मोबाइल या वेबसाइट पर बस की लाइव लोकेशन देख सकते हैं। इससे लोगों को बस के आने-जाने की सही जानकारी मिल रही है और इंतजार का समय भी कम हो रहा है।
आने वाले समय में यूपीएसआरटीसी की यह डिजिटल व्यवस्था प्रदेश की परिवहन सेवाओं को और बेहतर बना सकती है। इससे यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा और सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार की कोशिशों को भी मजबूती मिलेगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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