गोरखपुर,20मई(चौथा प्रहरी)।गोरखपुर में अब सड़कें सिर्फ आने-जाने का रास्ता नहीं रहेंगी, बल्कि शहर की संस्कृति और पहचान को भी दिखाएंगी। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के मुख्य मार्गों और डिवाइडरों का बड़े स्तर पर सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके लिए डिवाइडरों पर थीम आधारित प्रतिमाएं लगाई जाएंगी। इनमें योग मुद्राएं, वाद्य यंत्र, राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह और अध्यात्म से जुड़ी आकृतियां शामिल होंगी।

इस परियोजना को पीपीपी मॉडल यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के सामने इसका प्रस्तुतीकरण किया जा चुका है। नगर निगम बोर्ड से प्रस्ताव पास होने के बाद अब काम शुरू होने जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अगले एक माह में परियोजना जमीन पर दिखाई देने लगेगी।
महापौर Dr. Manglesh Srivastava ने बताया कि अब गोरखपुर के डिवाइडर सिर्फ हरियाली तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्हें सांस्कृतिक और कलात्मक पहचान भी दी जाएगी। शहर के अलग-अलग मार्गों पर अलग-अलग थीम के अनुसार प्रतिमाएं लगेंगी। कहीं वाद्य यंत्रों की आकृतियां दिखेंगी तो कहीं योग और अध्यात्म से जुड़ी प्रतिमाएं लोगों का ध्यान खींचेंगी।
नगर निगम का मानना है कि इससे गोरखपुर की पहचान और मजबूत होगी। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को शहर में प्रवेश करते ही आधुनिक और साफ-सुथरे गोरखपुर की झलक मिलेगी। पहले से लगी आकर्षक लाइटिंग के साथ अब डिवाइडरों पर फूलों के पौधे और कलात्मक संरचनाएं भी दिखाई देंगी।
परियोजना के तहत प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों को खास तौर पर विकसित किया जाएगा। सड़क किनारे भारतीय संस्कृति और जीवनशैली से जुड़ी झलक देखने को मिलेगी। इससे शहर की खूबसूरती बढ़ने के साथ पर्यटन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना का काम Indian Art Advertising Private Limited को दिया गया है। कंपनी के निदेशक Krishna Mohan ने बताया कि सभी जरूरी एनओसी हासिल कर ली गई हैं और जल्द काम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिमाओं के आसपास बड़े पैमाने पर फूलों के पौधे लगाए जाएंगे ताकि डिवाइडर और ज्यादा आकर्षक दिखें। संस्था अगले 30 वर्षों तक परियोजना के रखरखाव का काम भी करेगी।
प्रथम चरण में इन मार्गों पर होगा काम
पैडलेगंज से नौका विहार मार्ग तक वाद्य यंत्र थीम पर प्रतिमाएं लगेंगी।
असुरन चौराहा से गुलरिहा तक योग और अध्यात्म थीम पर काम होगा।
यातायात तिराहा से बरगदवा तक अध्यात्म आधारित प्रतिमाएं लगाई जाएंगी।
देवरिया बाईपास और चिड़ियाघर मुख्य मार्ग को एनिमल थीम पर विकसित किया जाएगा।
आने वाले समय में यह परियोजना गोरखपुर की नई पहचान बन सकती है। शहर की सड़कें सिर्फ ट्रैफिक का हिस्सा नहीं बल्कि कला, संस्कृति और आधुनिक विकास की तस्वीर पेश करती नजर आएंगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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