लखनऊ, 25मई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में किसानों की डिजिटल पहचान बनाने की दिशा में बड़ा काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में चल रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत अब तक 2.28 करोड़ से ज्यादा किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। यह केंद्र सरकार की ओर से तय लक्ष्य का करीब 79.10 प्रतिशत हिस्सा है। सरकार का दावा है कि इस अभियान से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिलेगा।

प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 से हुई थी। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए कुल 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य तय किया है। अब तक 2,28,36,658 किसानों का नामांकन पूरा हो चुका है। करीब 60 लाख से ज्यादा किसानों का पंजीकरण अभी बाकी है। अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा रफ्तार को देखते हुए किसानों की डिजिटल आईडी बनाने का काम 20 अगस्त 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
सरकार ने इस अभियान को मिशन मोड में चलाने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय कर्मचारियों को तय समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने के लिए लगाया गया है। इसका मकसद प्रदेश के किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है।
सरकार का कहना है कि फार्मर रजिस्ट्री बनने के बाद किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान और कृषि ऋण जैसी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। इससे फर्जी लाभार्थियों की पहचान भी रोकी जा सकेगी और सहायता सीधे पात्र किसानों तक पहुंचेगी।
प्रदेश में केवल पंजीकरण ही नहीं बल्कि भूमि रिकॉर्ड को भी डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर काम चल रहा है। इसी के तहत “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार यह काम अब तक 87.19 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इससे जमीन संबंधी रिकॉर्ड ज्यादा सटीक होंगे और भविष्य में विवाद कम होने की उम्मीद है।
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि फार्मर रजिस्ट्री भविष्य में कृषि योजनाओं की निगरानी और नीति निर्माण को ज्यादा प्रभावी बना सकती है। सरकार को वास्तविक किसानों का सही डेटा मिलेगा, जिससे योजनाओं का लाभ तय जरूरतमंदों तक पहुंचाना आसान होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से डिजिटल गवर्नेंस और ऑनलाइन सेवाओं पर लगातार जोर दे रही है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान को भी उसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह व्यवस्था प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए सुविधाजनक और लाभकारी साबित हो सकती है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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