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अवध विश्वविद्यालय में एआई की पाठशाला, छात्रों ने खुद बनाए पोस्टर और तैयार किया संगीत

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अयोध्या,11 जून( चौथा प्रहरी)। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन एवं उद्यमिता विभाग में गुरुवार को छात्रों के लिए विशेष एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप का संचालन गूगल स्टूडेंट एम्बेसडर्स आशुतोष सिंह और साक्षी वर्मा ने किया। इसका उद्देश्य छात्रों को आधुनिक एआई टूल्स की जानकारी देना और उनके डिजिटल कौशल, रचनात्मकता तथा नवाचार क्षमता को बढ़ाना था।

अवध विश्वविद्यालय में आयोजित एआई वर्कशॉप में एआई टूल्स सीखते छात्र
कार्यशाला के दौरान छात्रों को गूगल के एआई टूल्स जेमिनी, नैनो बनाना और लिरिया के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षकों ने समझाया कि जेमिनी की मदद से प्रभावी प्रॉम्प्ट कैसे तैयार किए जाते हैं और उन्हीं प्रॉम्प्ट्स के आधार पर नैनो बनाना के जरिए आकर्षक पोस्टर और इमेज कैसे बनाई जा सकती हैं।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा और उद्योग जगत में तेजी से बदलाव ला रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं छात्रों को नई तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें नवाचार और उद्यमिता के लिए भी प्रेरित करती हैं।
वर्कशॉप में छात्रों को लिरिया की सहायता से एआई आधारित म्यूजिक जनरेशन की प्रक्रिया भी सिखाई गई। छात्रों ने अलग-अलग टीम बनाकर काम किया। उन्होंने जेमिनी की मदद से अपनी बैंड पहचान तैयार की, नैनो बनाना से पोस्टर और इमेज बनाए तथा लिरिया के जरिए अपने बैंड के लिए संगीत तैयार किया।
कार्यक्रम में डॉ. अनुराग तिवारी ने कहा कि आज के समय में छात्रों के लिए एआई तकनीकों की जानकारी बेहद जरूरी है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल तकनीकी समझ बढ़ाते हैं, बल्कि व्यावहारिक कौशल विकसित करने में भी मदद करते हैं।
समापन सत्र में सभी टीमों ने अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। छात्रों ने अपने द्वारा तैयार किए गए पोस्टर, इमेज और संगीत का प्रदर्शन किया। पूरे कार्यक्रम में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी रचनात्मक क्षमता का परिचय दिया। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डॉ. पवन कुमार, डॉ. संजीत पांडे और डॉ. श्याम श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
एआई तकनीक का बढ़ता उपयोग आने वाले समय में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल सकता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

 

 

 

 

 

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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