Breaking News
यूपी न्यूज: प्रदेश में 1.95 लाख से ज्यादा पुराने वाहन हुए स्क्रैप, सड़क सुरक्षा और पर्यावरण सुधार पर सरकार का जोर यूपी न्यूज: जनता दर्शन में खिलाड़ियों से सीएम योगी बोले- पदक जीतिए, सरकारी नौकरी में मिलेगी प्राथमिकता Lucknow news: ऑटो-अप्रूवल व्यवस्था पर परिवहन कर्मचारियों की आपत्ति, जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज यूपी न्यूज: मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत 56 जिलों में 215 मिनी बसों का संचालन शुरू  यूपी न्यूज: लखनऊ में आपदा प्रबंधन का नया मुख्यालय शुरू,सीएम योगी बोले- संकट के समय जागरूकता ही सबसे बड़ी ताकत यूपी न्यूज: बीच सफर में बंद हुई यूपी रोडवेज की एसी जनरथ बस, यात्रियों ने लगाया धक्का; रखरखाव पर फिर उठे सवाल
15 Best News Portal Development Company In India

यूपी न्यूज: प्रदेश में 1.95 लाख से ज्यादा पुराने वाहन हुए स्क्रैप, सड़क सुरक्षा और पर्यावरण सुधार पर सरकार का जोर

SHARE:

उत्तर प्रदेश के अधिकृत व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर में पुराने वाहन का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की प्रतीकात्मक दृश्य

लखनऊ,20 जुलाई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में पुराने और अनुपयोगी वाहनों को हटाने की मुहिम लगातार आगे बढ़ रही है। राज्य में अब तक 1.95 लाख से अधिक वाहन अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों के जरिए हटाए जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि इस पहल का मकसद सड़कों को सुरक्षित बनाना, प्रदूषण कम करना और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही स्क्रैपिंग उद्योग में निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के अधिकृत व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर में पुराने वाहन का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की प्रतीकात्मक दृश्य
Photo AI generated

30 जून 2026 तक प्रदेश में करीब 1.85 लाख निजी और 10 हजार से ज्यादा सरकारी वाहनों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया। यह पूरी प्रक्रिया तय मानकों के अनुसार अधिकृत केंद्रों पर की जा रही है।
राज्य में फिलहाल 101 व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी पंजीकृत हैं। इनमें से 50 केंद्र पूरी तरह संचालित हो चुके हैं। बाकी केंद्रों को भी चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की तैयारी चल रही है। जिन जिलों में अभी यह सुविधा नहीं है, वहां निजी निवेश के जरिए नए केंद्र स्थापित करने की योजना पर काम हो रहा है। करीब 30 नए केंद्रों के प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं।
पुराने वाहनों की जांच ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) में आधुनिक मशीनों से की जाती है। यदि वाहन तय सुरक्षा और तकनीकी मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो उसे पहले अनफिट घोषित किया जाता है। दोबारा जांच में भी असफल रहने पर उसे स्क्रैपिंग के लिए भेजा जाता है। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है और मानवीय हस्तक्षेप कम होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बहुत पुराने वाहन सड़क दुर्घटनाओं और वायु प्रदूषण की बड़ी वजह बनते हैं। ऐसे वाहनों के हटने से ईंधन की बचत होगी, धुएं का उत्सर्जन कम होगा और सड़कों पर अपेक्षाकृत सुरक्षित वाहन चलेंगे। साथ ही स्क्रैप से निकलने वाली धातु और अन्य सामग्री का दोबारा उपयोग होने से संसाधनों की भी बचत होगी।
नीति के तहत वाहन मालिकों को भी कई लाभ दिए जा रहे हैं। अधिकृत केंद्र पर वाहन जमा करने के बाद मिलने वाले सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट के आधार पर नया वाहन खरीदने पर निजी वाहनों के लिए रोड टैक्स में 15 प्रतिशत तक और व्यावसायिक वाहनों के लिए 10 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है। इसके अलावा वाहन के स्क्रैप मूल्य का भुगतान भी किया जाता है। जरूरत पड़ने पर इस प्रमाणपत्र को तय नियमों के अनुसार दूसरे व्यक्ति को भी हस्तांतरित किया जा सकता है।
इस नीति का असर केवल परिवहन क्षेत्र तक सीमित नहीं है। वाहन स्क्रैपिंग से स्टील, एल्युमिनियम, तांबा, प्लास्टिक और रबर जैसे रीसाइक्लिंग उद्योगों को कच्चा माल मिल रहा है। इससे उत्पादन लागत कम होने की संभावना है। वहीं स्क्रैपिंग केंद्र, लॉजिस्टिक्स, मशीन संचालन, गुणवत्ता जांच और रीसाइक्लिंग से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं।
आगे क्या?
आने वाले समय में यदि नए स्क्रैपिंग केंद्र शुरू होते हैं, तो यह सुविधा प्रदेश के अधिक जिलों तक पहुंचेगी। इससे पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने की रफ्तार बढ़ सकती है। साथ ही वाहन मालिकों के लिए पूरी प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और सुलभ होने की उम्मीद है।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854

best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई