लखनऊ, 24 जुलाई(चौथा प्रहरी)। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में कानून व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा को लेकर विस्तृत निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होगी।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाएं एक जैसी दिखनी चाहिए। स्थानीय प्रशासन कांवड़ संघों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखे और किसी भी समस्या का समय रहते समाधान करे।
पूरे प्रदेश में एक जैसी व्यवस्था पर जोर-मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कांवड़ यात्रा केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं। ऐसे में किसी जिले में बेहतर और किसी में कमजोर व्यवस्था की स्थिति नहीं होनी चाहिए। मेरठ जोन की कार्ययोजना को अन्य जिलों के साथ साझा करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि सभी जगह एक समान व्यवस्था लागू हो सके।
सड़क, रोशनी और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान
बैठक में यात्रा मार्गों की स्थिति की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां सड़कें खराब हैं, वहां तुरंत मरम्मत कराई जाए। पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहें।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि प्रमुख मार्गों और शिविरों पर मेडिकल कैंप लगाए जाएं। एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित रहे। सांप के काटने और रेबीज जैसी आपात स्थिति के इलाज के लिए जरूरी दवाएं पहले से उपलब्ध रखी जाएं। प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाने के भी निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा और ओवररेटिंग पर सख्ती-मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा विभाग को यात्रा मार्गों पर लगातार जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों और तय कीमत से अधिक वसूली करने वालों पर कार्रवाई होगी।
यात्रा मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानों को बंद रखने के निर्देश भी दोहराए गए। दुकानों पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने और साफ-सफाई बनाए रखने को कहा गया। डीजे की आवाज तय मानकों के भीतर रखने के भी निर्देश दिए गए।
ड्रोन, सीसीटीवी और सोशल मीडिया पर रहेगी नजर-सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी और भीड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात रहेगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फेक न्यूज को गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिए कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो।
बाढ़ वाले इलाकों के लिए भी तैयारी-बैठक में प्रदेश की कुछ नदियों के बढ़ते जलस्तर पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने और संभावित बाढ़ या कटान वाले क्षेत्रों में पहले से राहत और बचाव की तैयारी पूरी रखने को कहा। वीआईपी कार्यक्रमों की वजह से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो, इसका भी ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक कामकाज की भी समीक्षा-कांवड़ यात्रा की तैयारियों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि अगले कुछ दिनों में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थानीय समस्याओं और सुझावों पर चर्चा करें।
राजस्व मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि चकबंदी से जुड़े विवाद निष्पक्ष तरीके से सुलझाए जाएं ताकि किसी भी क्षेत्र में तनाव की स्थिति न बने।
कोटेदारों के उत्पीड़न और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर भी मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस जांच कराकर कार्रवाई की जाए। बिजली उपभोक्ताओं की ओवर बिलिंग की शिकायतों का भी तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए।
आगे क्या असर होगा?
श्रावण मास में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होकर लाखों कांवड़ श्रद्धालु गुजरते हैं। इस बार प्रशासन सुरक्षा, यातायात और डिजिटल निगरानी पर पहले से अधिक जोर दे रहा है। यदि जिलों में निर्देशों का प्रभावी पालन हुआ तो भीड़ प्रबंधन, दुर्घटनाओं की रोकथाम और कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही फेक न्यूज और अफवाहों पर नियंत्रण प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा रहेगा।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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