लखनऊ, 23 फरवरी, चौथा प्रहरी डेस्क।
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के विजन के तहत उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के Frankfurt में टेक कंपनी Inoplexus और Partex के सीईओ डॉ. गुंजन भारद्वाज से अहम बैठक की।
क्या है पूरी योजना?
बैठक में उत्तर प्रदेश में हेल्थ टेक्नोलॉजी, डेटा सेंटर और AI आधारित समाधान विकसित करने पर चर्चा हुई। प्रस्ताव है कि:
लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में AI आधारित स्वास्थ्य परियोजनाओं का पायलट संचालन शुरू किया जाएगा।
डेटा गोपनीयता मानकों के तहत हेल्थ डेटा प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश में अत्याधुनिक डेटा सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
मेडिकल शिक्षा में AI के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
क्या बदलेगा आम लोगों के लिए?
मरीजों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा
रोगों की पहचान में AI की मदद से तेजी
ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सेवाओं में समान सुधार
डेटा आधारित निर्णय से बेहतर इलाज
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह परियोजना सफल होती है तो उत्तर प्रदेश देश का पहला बड़ा राज्य बन सकता है जहां सरकारी स्तर पर व्यापक AI हेल्थ मॉडल लागू होगा।
डेटा सुरक्षा पर खास जोर
प्रतिनिधिमंडल और कंपनी के बीच कड़े डेटा गोपनीयता नियमों, डेटा लोकलाइजेशन और सुशासन सुनिश्चित करने पर सहमति बनी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की डिलीवरी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने का लक्ष्य है।
क्यों बन रही है यह खबर वायरल?
✔️ यूपी के 4 बड़े शहरों में AI हेल्थ पायलट
✔️ जर्मनी की टेक कंपनियों से सीधा सहयोग
✔️ डेटा सेंटर निवेश और संभावित रोजगार
✔️ डिजिटल हेल्थ क्रांति की शुरुआत
Author: Chautha Prahari
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