बिना गारंटी 5 लाख का ऋण, संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक की प्रेरक यात्रा
लखनऊ/आजमगढ़, 01 मार्च।उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) युवाओं के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। आजमगढ़ के 25 वर्षीय अविनाश सिंह इसकी जीवंत मिसाल हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद सरकारी योजना का लाभ उठाकर डिजिटल लाइब्रेरी चेन खड़ी कर दी।

साधारण परिवार से असाधारण उपलब्धि
बीएससी गणित की पढ़ाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी करने वाले अविनाश एक किसान परिवार से आते हैं। परिवार में माता-पिता और पांच भाई-बहन हैं। बड़े बेटे होने के कारण आर्थिक जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी।
रोजगार की तलाश करने के बजाय उन्होंने उद्यमिता का रास्ता चुना। जनवरी 2025 में ऑनलाइन माध्यम से योजना की जानकारी मिली। जिला उद्योग केंद्र में आवेदन कर आवश्यक दस्तावेज जमा किए और अधिकारियों के मार्गदर्शन से आवेदन शीघ्र स्वीकृत हो गया।
बिना गारंटी मिला 5 लाख का लोन
फरवरी 2025 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से उन्हें ₹5 लाख का ऋण स्वीकृत हुआ।
✔️ बिना किसी गारंटी
✔️ बिना गिरवी
✔️ ब्याज में विशेष राहत
🔹 पहली किस्त: ₹2,57,000 (21 फरवरी)
🔹 दूसरी किस्त: ₹1,53,000 (एक सप्ताह बाद)
इस राशि से अविनाश ने ‘विद्या डिजिटल लाइब्रेरी’ की स्थापना की, जहां छात्रों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों के साथ शांत और तकनीकी वातावरण में अध्ययन की सुविधा मिलती है।
वर्तमान में:
₹30,000+ मासिक आय
₹10,000+ नियमित मासिक किस्त जमा
5 युवाओं को रोजगार
डेढ़ साल में दूसरी शाखा, अब तीसरी की तैयारी
पहली लाइब्रेरी की सफलता के बाद अविनाश ने आजमगढ़ में दूसरी शाखा भी शुरू कर दी है। अब वर्ष के मध्य तक प्रयागराज में तीसरी डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की तैयारी कर रहे हैं।
उनका कहना है:
“अगर युवा दृढ़ संकल्प के साथ सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करें, तो आत्मनिर्भर बनना मुश्किल नहीं है।”
युवाओं के लिए प्रेरणा
अविनाश की कहानी यह साबित करती है कि
✔️ सही मार्गदर्शन
✔️ सरकारी सहयोग
✔️ कड़ी मेहनत
इन तीनों के संगम से युवा न सिर्फ अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।
Author: Chautha Prahari
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