लखनऊ, 24 मार्च। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की एक साधारण महिला अनीता देवी आज हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। कभी मजदूरी कर जीवन यापन करने वाली अनीता आज “लखपति दीदी” के नाम से जानी जाती हैं और उनके नेतृत्व में 4400 महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
अमरोहा जिले के विकास खंड गजरौला स्थित ग्राम पंचायत सलेमपुर गोसाईं की निवासी अनीता देवी का जीवन कभी बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और वे अपने पति के साथ मजदूरी कर किसी तरह घर का खर्च चलाती थीं। स्थायी आय का कोई साधन नहीं था और हर दिन संघर्षों से भरा होता था।

🌱 सरकारी योजना बनी जीवन बदलने का आधार
अनीता के जीवन में बदलाव की शुरुआत तब हुई जब वे सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ीं। स्वयं सहायता समूह “शक्ति समूह” का हिस्सा बनने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि प्रशिक्षण और आत्मविश्वास भी प्राप्त हुआ।
वर्ष 2021 में उन्हें सामुदायिक निवेश निधि के तहत 1,10,000 रुपये मिले, जिससे उन्होंने अपने छोटे व्यवसाय की शुरुआत की। इसके बाद 2023 में 15,000 रुपये रिवॉल्विंग फंड, 2024 में 3 लाख और 2025 में 4 लाख रुपये सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) के रूप में मिले। इस वित्तीय सहायता ने उनके कारोबार को मजबूत आधार प्रदान किया।
🧵 सिलाई से शुरू हुआ सफर, बना सफल व्यवसाय
अनीता ने अपने घर से सिलाई का काम शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने कपड़े बनाकर बेचना शुरू किया और इसे एक छोटे व्यवसाय का रूप दे दिया। कोरोना काल में उन्होंने अपने समूह के साथ मिलकर मास्क और अन्य जरूरी उत्पाद तैयार किए, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हुई और पहचान भी मिली।
आज उनके गांव में 27 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे हजारों महिलाएं जुड़ी हुई हैं।
🏪 ‘शक्ति ट्रेडर्स’ से बढ़ी आमदनी
दिसंबर 2023 में अनीता ने “शक्ति ट्रेडर्स” के नाम से किराना दुकान की शुरुआत की। इस दुकान को उनके पति और बेटा मिलकर संचालित करते हैं। इसके अलावा वे कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री भी करती हैं। इन सभी प्रयासों के कारण आज उनकी मासिक आय 40,000 से 45,000 रुपये तक पहुंच चुकी है।
👩🌾 4400 महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर
अनीता की सफलता सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। उनके नेतृत्व में 4400 महिलाएं आज आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। वे महिलाओं को समूह से जुड़ने, बचत करने और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।
🌟 प्रेरणा बनी अनीता की कहानी
आज अनीता देवी न केवल अपने परिवार का सहारा हैं, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि यदि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और मजबूत इच्छाशक्ति हो, तो कोई भी महिला अपनी तकदीर बदल सकती है।
अनीता स्वयं कहती हैं कि, “समूह से जुड़ने के बाद हमारे जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आया है। अब हमारी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं बेहतर है।”
यह कहानी सिर्फ एक महिला की सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन और महिला सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल है।
Author: Chautha Prahari
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