अयोध्या, 22 अप्रैल। रामनगरी अयोध्या में प्रशासनिक नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव के बीच नवागत जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने से पहले उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि पहुंचकर रामलला के दर्शन-पूजन किए और प्रदेश की सांस्कृतिक व धार्मिक धरोहर के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
इसके बाद सर्किट हाउस में आयोजित औपचारिक कार्यक्रम में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और विधिवत चार्ज हैंडओवर प्रक्रिया पूरी की गई। कार्यक्रम में प्रशासनिक गरिमा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया।

कार्यभार ग्रहण करने के बाद जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अयोध्या जैसे वैश्विक पहचान वाले धार्मिक नगर में सेवा का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
डीएम ने स्पष्ट किया कि अयोध्या में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर यातायात, स्वच्छता, सुरक्षा और आवासीय व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले हर व्यक्ति को सकारात्मक अनुभव प्राप्त हो।
उन्होंने यह भी बताया कि जनपद में चल रहे सभी विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और समयबद्ध तरीके से उन्हें पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर डीएम त्रिपाठी ने टीमवर्क पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ही प्रभावी शासन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे आपसी सहयोग और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
जनसुनवाई को लेकर भी जिलाधिकारी ने स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं की सुनवाई और उनका त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल रहेगा। इसके लिए शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अयोध्या में तेजी से हो रहे विकास कार्यों और बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान के बीच नए जिलाधिकारी के सामने कई चुनौतियां और अवसर दोनों मौजूद हैं। ऐसे में प्रशासनिक दक्षता और दूरदर्शी सोच के साथ काम करना बेहद जरूरी होगा।
राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बुनियादी सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर दबाव भी बढ़ा है। ऐसे में डीएम शशांक त्रिपाठी की प्राथमिकताएं स्पष्ट संकेत देती हैं कि प्रशासन इस चुनौती को अवसर में बदलने की दिशा में काम करेगा।
कुल मिलाकर, अयोध्या में नए जिलाधिकारी के रूप में शशांक त्रिपाठी की शुरुआत धार्मिक आस्था, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और विकास के स्पष्ट विजन के साथ हुई है। अब आने वाले समय में उनके नेतृत्व में जिले के विकास और व्यवस्थाओं में किस तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
Author: Chautha Prahari
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