Breaking News
बरेली में जमीन हड़पने का सनसनीखेज मामला – जिंदा बुजुर्ग को कागजों में मारकर रची गई करोड़ों की साजिश FSDA की खानापूर्ति, कांवड़ रूट पर 857 दुकानों का निरीक्षण, पर मिलावट जांचने के लिए नहीं उठाया एक भी नमूना फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत में निकाली गयी भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति नारों से गूंजा कस्बा झोलाछाप ने दो माह की गर्भवती का पेट खोला, आंत-बच्चेदानी फटी, मौत के बाद भी सिस्टम खामोश, डीआईजी तक पहुंचा मामला शिक्षा विभाग की भव्य तिरंगा यात्रा जिलाधिकारी ने दिखाई हरी झंडी,माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग की संयुक्त तिरंगा यात्रा से गूंजा राष्ट्रप्रेम पुलिस का बड़ा जुआ-भंडाफोड़, आंवला में आटा चक्की के पीछे चल रहा था लाखों का जुआ, 13 जुआरी दबोचे, 2.54 लाख बरामद
15 Best News Portal Development Company In India

यूपी न्यूज:यूपी का आम्रपाली आम पहुंचा लंदन, 1200 किलो की खेप निर्यात; बागबानों के लिए बढ़ी नई उम्मीद

SHARE:

लंदन निर्यात के लिए तैयार उत्तर प्रदेश के आम्रपाली आम की खेप।

लखनऊ,17जुलाई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश का आम्रपाली आम अब लंदन के बाजार तक पहुंच गया है। शनिवार को लखनऊ से 1200 किलोग्राम आम्रपाली आम की खेप ब्रिटेन के लिए रवाना की गई। राज्य सरकार का कहना है कि भारत-यूके व्यापार समझौते के बाद प्रदेश के बागबानों के लिए विदेशी बाजारों में नए अवसर बन रहे हैं।

लंदन निर्यात के लिए तैयार उत्तर प्रदेश के आम्रपाली आम की खेप।
फोटो स्त्रोत सूचना विभाग

लखनऊ स्थित उद्यान निदेशालय से इस खेप को हरी झंडी दिखाई गई। कार्यक्रम में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, एपीडा के प्रतिनिधि और निर्यातक मौजूद रहे।
प्रदेश सरकार का दावा है कि आम सहित कृषि और उद्यान उत्पादों के निर्यात को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों और बागबानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाना और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक उनकी पहुंच बढ़ाना है।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो दिनों में उत्तर प्रदेश से चौसा और आम्रपाली किस्म के कुल 2400 किलोग्राम आम ब्रिटेन भेजे गए हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि प्रदेश के आमों की मांग विदेशों में बढ़ रही है।
आम्रपाली आम अपने स्वाद, गूदे की गुणवत्ता और लंबे समय तक सुरक्षित रहने की क्षमता के कारण निर्यात के लिए उपयुक्त माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गुणवत्ता और आपूर्ति की यह रफ्तार बनी रही तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के आमों की हिस्सेदारी वैश्विक बाजार में और बढ़ सकती है।
विदेशों में मांग बढ़ने से प्रदेश के बागबानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना है। साथ ही आम उत्पादन, पैकिंग, कोल्ड चेन और निर्यात से जुड़े क्षेत्रों में भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854

best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई