छात्रों के आंदोलन के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंची AIPF, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
नई दिल्ली, 21 जुलाई(चौथा प्रहरी)। छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (AIPF) के नेताओं ने मंगलवार को जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलनरत छात्रों के प्रति एकजुटता जताई। संगठन ने शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।

संगठन की ओर से कहा गया कि संसद मार्च के दौरान छात्रों के साथ जिस तरह की पुलिस कार्रवाई हुई, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं थी। AIPF ने इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही भी तय करने की बात कही।
जंतर-मंतर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. राहुल दास, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनकर कपूर और राघवेंद्र प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग के आरोपों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान कुछ पुलिसकर्मी बिना वर्दी और बिना पहचान के मौजूद थे। AIPF ने गृह मंत्रालय से मांग की कि इस संबंध में स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही यह भी बताया जाए कि कार्रवाई का आदेश किस स्तर से दिया गया था और इसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी की थी।
AIPF का कहना है कि लोकतंत्र में छात्रों और युवाओं को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है। यदि किसी प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
आगे क्या?
छात्र आंदोलन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं। यदि विपक्षी दल और छात्र संगठन इस मुद्दे पर लगातार सक्रिय रहते हैं, तो आने वाले दिनों में संसद और सड़क दोनों जगह इस मामले को लेकर बहस और विरोध प्रदर्शन बढ़ सकते हैं। वहीं, केंद्र सरकार या गृह मंत्रालय की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद विवाद की दिशा और स्पष्ट होगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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