गाजियाबाद,22जुलाई(चौथा प्रहरी)।उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने बुधवार को देहरादून में एक कथित नकली दवा फैक्ट्री का खुलासा किया। जांच के दौरान कई नामी दवा कंपनियों के ब्रांड नाम का इस्तेमाल कर दवाएं तैयार किए जाने का मामला सामने आया। टीम ने बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाएं, पैकिंग सामग्री और मशीनें जब्त कर नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं।

क्या मिला कार्रवाई में-छापेमारी देहरादून के देवीपुर न्यू हाईवे रोड क्षेत्र में की गई। अधिकारियों के अनुसार फैक्ट्री में अलग-अलग कंपनियों के नाम और पैकेजिंग का इस्तेमाल कर दवाओं को असली जैसा दिखाने की कोशिश की जा रही थी। शुरुआती जांच में कई प्रमुख दवा कंपनियों के ब्रांड नाम सामने आए हैं।
मौके से बड़ी संख्या में तैयार दवाएं, खाली डिब्बे, रैपर, लेबल, प्रिंटिंग सामग्री और दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए। इन सभी को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
अब होगी लैब जांच-अधिकारियों ने बरामद दवाओं के नमूने परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि दवाओं में कौन-कौन से तत्व मिले हैं और वे स्वास्थ्य के लिए कितनी खतरनाक थीं। जांच के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा-विशेषज्ञों का मानना है कि नकली दवाएं मरीजों के इलाज को प्रभावित करती हैं। कई बार ऐसी दवाएं बीमारी ठीक करने के बजाय मरीज की हालत और गंभीर बना सकती हैं। इसलिए दवा खरीदते समय केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही दवा लेने और बिल सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है।
आगे क्या असर होगा-इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत आसपास के राज्यों में नकली दवाओं के नेटवर्क की जांच तेज हो सकती है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि तैयार दवाएं किन जिलों और बाजारों तक पहुंच रही थीं। यदि नेटवर्क बड़ा मिला तो इससे जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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