लखनऊ, 23जुलाई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के 24,617 दिव्यांग विद्यार्थियों तक उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली है। वर्ष 2026-27 के लिए करीब 9.85 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाई गई है। भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के सहयोग से प्रदेश के सभी 75 जिलों में अगस्त से दिसंबर के बीच 176 मापन और वितरण शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में पहले विद्यार्थियों का आकलन होगा, फिर उनके लिए उपयुक्त उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

विस्तार
यह अभियान परिषदीय विद्यालयों, पीएम श्री स्कूलों, सहायता प्राप्त विद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल वाटिकाओं में पढ़ने वाले चिन्हित दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए चलाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह है कि किसी भी पात्र छात्र तक मदद पहुंचने से न छूटे।
इस बार पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले विद्यालय स्तर पर पात्र विद्यार्थियों की पहचान होगी। इसके बाद विशेषज्ञ उनकी जरूरत का आकलन करेंगे। फिर तय कार्यक्रम के अनुसार शिविरों में उपकरण वितरित किए जाएंगे। सभी जिलों को प्रचार-प्रसार बढ़ाने और अधिक से अधिक लाभार्थियों तक जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान में शिक्षा विभाग के साथ खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाध्यापक, विशेष शिक्षक, फिजियोथेरेपिस्ट और समावेशी शिक्षा से जुड़े अधिकारी मिलकर काम करेंगे। माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक की भी भूमिका तय की गई है।
विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक, ब्रेल किट, ब्रेल स्लेट, स्मार्ट केन, डिजिटल हियरिंग एड, सीपी चेयर, रोलेटर और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। जिन विद्यार्थियों को सुनने में कठिनाई है, उनके लिए ऑडियोमेट्री जांच और डिजिटल हियरिंग एड फिटिंग की व्यवस्था भी शिविरों में रहेगी। सभी उपकरण गुणवत्ता मानकों के अनुसार उपलब्ध कराए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि ऐसे उपकरण मिलने से दिव्यांग विद्यार्थियों की पढ़ाई आसान होगी। उनकी स्कूल तक पहुंच बेहतर होगी और वे कक्षा की गतिविधियों में पहले से अधिक सक्रिय रूप से शामिल हो सकेंगे।
आगे क्या असर होगा
अगर यह योजना तय समय पर पूरी होती है तो हजारों दिव्यांग विद्यार्थियों को पढ़ाई में बड़ी राहत मिलेगी। नियमित स्कूल उपस्थिति बढ़ने की संभावना है। साथ ही समावेशी शिक्षा को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और भविष्य में ऐसे अभियानों का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854





