लखनऊ(चौथा प्रहरी)12 दिसंबर। प्रदेश के शामली जनपद में सहायक महानिरीक्षक निबन्धन रविन्द्र मेहता तथा एक कम्प्यूटर ऑपरेटर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने पर उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इस संदर्भ में प्रदेश के स्टांप तथा पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को शत-प्रतिशत लागू करने की बात दोहराई है, और कहा है कि सरकार जनता के हित से कोई समझौता नहीं करेगी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक रविन्द्र मेहता, सहायक महानिरीक्षक निबन्धन, शामली तथा अश्विनी कुमार, कम्प्यूटर ऑपरेटर सेवा प्रदाता को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इस मामले में दिनांक 09 दिसंबर 2025 को थाना-आदर्शनगर, शामली में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 के अन्तर्गत दोनों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर रवीन्द्र मेहता को गिरफ्तार किया गया। गत 10 दिसंबर 2025 को एंटी करप्शन कोर्ट द्वारा रवीन्द्र मेहता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जायसवाल ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि विभागीय कार्य पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ किए जाएं, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रकरण में अग्रिम तिथि 23 दिसंबर 2025 नियत की गई है, जिस पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी। बहरहाल विभागीय मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा दोषियों को निलंबित किए जाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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