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योगी सरकार की बड़ी कार्यवाहीःओवरलोड से काली कमाई करने वाले तीन एआरटीओ प्रवर्तन निलंबित

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लखनऊ,2 जनवरी। प्रदेश में ओवरलोड वाहनों से भारी वसूली कर पास कराने के बड़े भ्रष्टाचार सिंडिकेट का खुलासा होने के उपरांत परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। बीती गुरुवार को लखनऊ के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल, रायबरेली के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन अंबुज और फतेहपुर की सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन पुष्पांजलि मित्रा गौतम को निलंबित कर दिया गया है। सभी अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध कर विभागीय जांच शुरू हो गई है।

प्रकरण की जांच झांसी के उप परिवहन आयुक्त केडी सिंह गौर को मिली है। इस पर कार्रवाई उस समय हुई है जब पिछले नवंबर में एसटीएफ ने मौरंग, गिट्टी और बालू के ओवरलोड ट्रकों को घूस लेकर पास कराने वाले सिंडिकेट का खुलासा किया था। इस प्रकरण में लखनऊ के मड़ियांव, रायबरेली के लालगंज और उन्नाव में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में शामिल करीब 25 लोगों के नाम प्रकाश में आए, जिनमें परिवहन विभाग के उच्च अधिकारी और दलाल शामिल हैं।सूत्रों की माने तो सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन लखनऊ राजीव कुमार बंसल एफआईआर के बाद से फरार हैं। उनका मोबाइल बंद है और उन्होंने बीमारी का हवाला देकल अवकाश ले रखी है। बताते है कि एआरटीओ बंसल ने अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे खारिज कर दिया गयाओवरलोड वाहनों से काली कमाई के इस बड़े खेल में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। 48 दिन की लंबी चुप्पी के बाद यह शासन स्तर से निलंबन कार्रवाई हुई। प्रदेश की परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने पहले ही लखनऊ के यात्री मालकर अधिकारी मनोज कुमार, रायबरेली की रेहाना बानो और फतेहपुर के अखिलेश चतुर्वेदी को निलंबित किया था। इसके अतिरिक्त, लखनऊ के प्रवर्तन पर्यवेक्षक अनुज, उन्नाव के प्रवर्तन पर्यवेक्षक इंद्रजीत सिंह, प्रवर्तन सिपाही रणजीत कुमार और प्रदीप सिंह, तथा रायबरेली के प्रवर्तन चालक नौशाद को भी निलंबित किये जा चुके है।इस भ्रष्टाचार के खुलासे ने परिवहन विभाग में हलचल मचा दी है और सवाल खड़े किए हैं कि इतने बड़े खेल के बावजूद कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हुई।विशेष जांच जारी एसटीएफ व परिवहन विभाग की टीम मामले की गहनता से छानबीन कर रही है और अगले कुछ दिनों में और अधिकारियों के नाम सामने आने के आसार है।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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