मुख्यमंत्री युवा योजना से बदली तुबा की किस्मत, ‘सॉइल कॉन्सेप्ट’ ब्रांड से बना रहीं प्राकृतिक ब्यूटी प्रोडक्ट
लखनऊ से रिपोर्ट, चौथा प्रहरी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना कई युवाओं के लिए नया अवसर बनकर सामने आ रही है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को बिना बैंक गारंटी और ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें।

राजधानी लखनऊ की बायोटेक्नोलॉजिस्ट तुबा ने भी इसी योजना का लाभ उठाकर ‘सॉइल कॉन्सेप्ट’ नाम से प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल सौंदर्य उत्पादों का ब्रांड तैयार किया है। उनके इस प्रयास ने न केवल उन्हें एक सफल उद्यमी बनाया है बल्कि कई अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं।
योजना से मिला आर्थिक सहयोग
तुबा के अनुसार शुरुआत के समय उन्हें कच्चे माल और मशीनरी की व्यवस्था करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री युवा योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और कुछ ही समय में उन्हें लगभग 5 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत हो गया।
इस आर्थिक सहायता से उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत की और प्राकृतिक व रसायनमुक्त पर्सनल केयर उत्पाद तैयार करने का काम शुरू किया।
प्राकृतिक उत्पादों की बढ़ रही मांग
‘सॉइल कॉन्सेप्ट’ ब्रांड के अंतर्गत तुबा द्वारा हर्बल शैम्पू, कंडीशनर, हेयर सीरम, हर्बल हेयर ऑयल, बॉडी वॉश, लोशन और हाथ से बने साबुन जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। ये उत्पाद पर्यावरण के अनुकूल और रसायनमुक्त होने के कारण उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि उनके उत्पाद अब 50 से अधिक आउटलेट्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश के कई हिस्सों में उपलब्ध हैं।
कई लोगों को मिला रोजगार
तुबा के इस उद्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। उनके व्यवसाय में वर्तमान में 7 लोग काम कर रहे हैं, जिनमें 4 महिलाएं भी शामिल हैं। इससे महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिला है।
युवाओं को उद्यमी बनाने की योजना
उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के पहले चरण में 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
यदि उद्यमी समय पर ऋण चुकाते हैं तो दूसरे चरण में 10 लाख रुपये तक की परियोजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक युवा राज्य के MSME पोर्टल या अपने जिले के जिला उद्योग केंद्र (DIC) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
सरकार का लक्ष्य हर वर्ष बड़ी संख्या में युवाओं को उद्यमिता से जोड़कर प्रदेश में लाखों सूक्ष्म इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देना है।
Author: Chautha Prahari
Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854






