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अंबेडकर जयंती 2026: डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि, विवेक मौर्य के नेतृत्व में विशाल भंडारा और 104 कार्यक्रमों में रिकॉर्ड सहभागिता

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अंबेडकरनगर, 14 अप्रैल।देशभर में आज भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जनपद में भी अंबेडकर जयंती का आयोजन भव्य स्तर पर देखने को मिला, जहां सामाजिक समरसता, सेवा और जनजागरण का अद्भुत संगम नजर आया।

अंबेडकर जयंती 2026 पर अंबेडकरनगर में आयोजित भंडारा और जनसमूह
भाजपा नेता एवं नारायण फ़ाउंडेशन के संरक्षक विवेक मौर्य के नेतृत्व में अकबरपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा के समक्ष तथा बसखारी रोड पर विशाल भंडारे और जलपान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में जिले के कोने-कोने से हजारों लोगों ने भाग लिया और बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर नारायण फ़ाउंडेशन द्वारा एक सराहनीय पहल करते हुए जिले को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने का संदेश दिया गया। संस्था की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए जूट बैग और बाबा साहेब के प्रतीक चिन्ह का निःशुल्क वितरण किया गया। इस पहल को आमजन ने खूब सराहा और बड़ी संख्या में लोग इसमें सहभागी बने।
अंबेडकर जयंती के मौके पर विवेक मौर्य की सक्रियता खास चर्चा में रही। उन्होंने सुबह से लेकर देर रात तक अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 104 कार्यक्रमों में सहभागिता कर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है, जिसने क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका को और मजबूत किया है।
कार्यक्रम के दौरान विवेक मौर्य ने कहा,
“संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का जीवन संघर्ष, ज्ञान और समानता का प्रतीक है। उन्होंने समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। आज उनका संदेश ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’ हम सभी के लिए मार्गदर्शक है।”
उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी समाज को जोड़ने और लोकतंत्र को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं। हमें उनके आदर्शों को अपनाकर एक समतामूलक और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में कार्य करना चाहिए।
अंबेडकरनगर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक श्रद्धांजलि नहीं था, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता और जनसेवा का भी एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। भंडारे के माध्यम से जहां जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया गया, वहीं प्लास्टिक मुक्त अभियान के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं और लोगों को एकजुट करने का कार्य करते हैं। नारायण फ़ाउंडेशन की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि सामाजिक कार्यों के माध्यम से भी समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
अंबेडकर जयंती 2026 के इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि बाबा साहेब के विचार आज भी जीवंत हैं और समाज के हर वर्ग को प्रेरित कर रहे हैं।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

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