लखनऊ,13मई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में डेयरी सेक्टर और स्वदेशी गोवंश को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार अब बड़े स्तर पर किसानों, पशुपालकों और निवेशकों को जोड़ रही है। इसी कड़ी में 14 मई को आगरा में ‘स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम’ आयोजित किया जाएगा। इसमें आगरा और अलीगढ़ मंडल के किसान, गोपालक, दुग्ध उत्पादक, उद्यमी और निवेशक शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन आगरा के आरबीएस कॉलेज स्थित राव कृष्णपाल सिंह ऑडिटोरियम में होगा।

सरकार का कहना है कि इस समागम का मकसद डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के पशुधन, दुग्ध विकास और राजनैतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह करेंगे।
इस बार समागम की थीम ‘स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य- खुशहाल उत्तर प्रदेश’ रखी गई है। कार्यक्रम में स्वदेशी गायों की उन्नत नस्लों, डेयरी उद्योग में निवेश के अवसर और पशुपालकों के सुरक्षित भविष्य पर चर्चा होगी। सरकार का मानना है कि इससे गांवों की आय बढ़ेगी और रोजगार के नए मौके भी तैयार होंगे।
दुग्ध विकास विभाग के अनुसार आगरा और अलीगढ़ मंडल से अब तक 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। वहीं पूरे प्रदेश से करीब 28 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव विभाग को प्राप्त हुए हैं।
नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत भी सरकार लगातार पशुपालकों को मदद दे रही है। आगरा और अलीगढ़ मंडल के 762 लाभार्थियों को अब तक 500 लाख रुपये से ज्यादा की अनुदान राशि दी जा चुकी है। इससे कई छोटे पशुपालकों ने डेयरी कारोबार बढ़ाया है।
समागम में नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना के लाभार्थी भी अपनी सफलता की कहानी साझा करेंगे। सरकार चाहती है कि दूसरे किसान भी इन योजनाओं से जुड़ें और डेयरी सेक्टर में आगे आएं।
इसके अलावा डेयरी प्लांट, गोशाला और बायोगैस जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले निवेशक और उद्यमी भी कार्यक्रम में संभावनाएं तलाशेंगे। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में डेयरी सेक्टर उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार बन सकता है।
दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी ने बताया कि ‘स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम’ केवल आगरा तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले महीनों में प्रदेश के सभी मंडलों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जून में मुरादाबाद-बरेली, जुलाई में लखनऊ, अगस्त में अयोध्या-देवीपाटन, सितंबर में कानपुर-झांसी, अक्टूबर में गोरखपुर-बस्ती, नवंबर में प्रयागराज-चित्रकूट और दिसंबर में वाराणसी, आजमगढ़ व विंध्याचल मंडल में समागम प्रस्तावित हैं।
सरकार को उम्मीद है कि इन आयोजनों से डेयरी सेक्टर में निवेश बढ़ेगा, पशुपालकों की आय मजबूत होगी और उत्तर प्रदेश देश के बड़े दुग्ध उत्पादक राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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