लखनऊ, 19 मई( चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में 84 सीनियर PCS अफसरों के तबादले के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सरकार की ओर से नई तैनाती के आदेश जारी होने के बाद कई अफसर अब नई जगह ज्वाइन करने के बजाय तबादला रुकवाने की कोशिशों में लग गए हैं। सोमवार तक ज्वाइनिंग के निर्देश होने के बावजूद कई अधिकारी अब भी राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ट्रांसफर लिस्ट जारी होते ही फोन कॉल, सिफारिश और पैरवी का दौर शुरू हो गया। कई अफसर बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक दरबारों में पहुंचकर अपनी पोस्टिंग बचाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ अधिकारी नई जगह जाने से बचने के लिए ऊपर तक संदेश पहुंचा रहे हैं, जबकि कई ने अभी तक नई तैनाती पर ज्वाइनिंग ही नहीं की है।
बताया जा रहा है कि कई अफसरों का पूरा फोकस अब “नई पोस्टिंग बचाओ अभियान” पर है। कुछ अधिकारी अपने तबादले को डायवर्ट कराने की उम्मीद में नियुक्ति विभाग की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं कुछ अफसरों ने छुट्टी लेने के बजाय सीधे पैरवी का रास्ता चुना है।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि जिन जिलों और विभागों को ज्यादा अहम माना जाता है, वहां से हटाए गए अफसर सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। कई अफसरों का मानना है कि अगर समय रहते आदेश में बदलाव हो गया तो उन्हें नई जगह ज्वाइन नहीं करना पड़ेगा। इसी वजह से अंतिम समय तक कोशिशें जारी हैं।
हालांकि सरकार की तरफ से अभी तक तबादला सूची में बड़े बदलाव के संकेत नहीं मिले हैं। ऐसे में जिन अफसरों ने अब तक नई जिम्मेदारी नहीं संभाली है, उनकी बेचैनी लगातार बढ़ रही है। ज्वाइनिंग की डेडलाइन करीब आने के साथ ही पैरवी और संपर्कों का दबाव भी बढ़ता दिख रहा है।
प्रशासनिक जानकार मानते हैं कि बड़े पैमाने पर हुए इस तबादला अभियान का असर आने वाले दिनों में जिलों की कार्यशैली और प्रशासनिक समीकरणों पर भी दिखाई देगा। अगर सरकार सख्त रुख अपनाती है तो अधिकारियों के बीच यह संदेश जाएगा कि ट्रांसफर आदेश के बाद पैरवी की गुंजाइश सीमित है। वहीं यदि कुछ मामलों में राहत मिलती है तो भविष्य में भी तबादलों के बाद इसी तरह की सक्रियता देखने को मिल सकती है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854






