लखनऊ,22मई( चौथा प्रहरी)। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारियों ने गुरुवार को अपनी 16 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और कैंडल मार्च निकाला। यह विरोध कार्यक्रम 25 और 26 मई को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल से पहले आयोजित किया गया। कर्मचारियों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें जल्द पूरी करने की मांग की।
राजधानी लखनऊ में स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व महामंत्री डीके सिंह ने किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने “बैंक मैनेजमेंट हाय-हाय”, “हमारी मांगे पूरी करो” और “बंधुआ मजदूरी बंद करो” जैसे नारे लगाए। कर्मचारियों का कहना था कि लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

महामंत्री डीके सिंह ने कहा कि बैंक कर्मचारी काफी समय से संदेशवाहक और सशस्त्र गार्डों की भर्ती, पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति, स्थायी पदों पर आउटसोर्सिंग बंद करने, मेडिकल रीइंबर्समेंट योजना में सुधार और पेंशन से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने जैसी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर हड़ताल होती है और उससे आम लोगों को परेशानी होती है तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह बैंक प्रबंधन की होगी।
प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने स्टेट बैंक मुख्य शाखा से कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च केडी बाबू सिंह स्टेडियम मुख्य गेट, डीएम ऑफिस, हिंदी संस्थान और स्टेट बैंक प्रधान कार्यालय होते हुए वापस मुख्य शाखा पर समाप्त हुआ। मार्च के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
इस कार्यक्रम की देखरेख आशुतोष वर्मा, बृजेश तिवारी, शिव कुमार, आर.पी. सिंह, अवधेश सिंह, तारकेश्वर चौहान, आकाश शर्मा, राकेश कुमार, अंकुर अग्रवाल, अमित सिंह और पंकज पटेल समेत कई कर्मचारियों ने की।
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि 23 मई को उप मुख्य श्रम आयुक्त के साथ बातचीत होनी है। यदि इस बैठक में कोई समाधान नहीं निकलता है तो 25 और 26 मई को देशभर में स्टेट बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे।
अगर यह हड़ताल होती है तो बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है। नकदी निकासी, चेक क्लियरेंस और शाखाओं में होने वाले दूसरे काम प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर सबकी नजर रहेगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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