लखनऊ,16जून(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी मोहर्रम और 21 जून को होने वाली नीट (NEET) परीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मोहर्रम मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं। उन्होंने जुलूसों में अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन, कानफोड़ू डीजे और नई परंपराओं की शुरुआत पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, नीट परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों में किराये पर 50 प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की है।
मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, त्योहारों, नीट परीक्षा और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि मोहर्रम की तैयारियों को लेकर पहले से संवाद स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी जिले में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। साथ ही डीजे, ढोल और ताशों के अनियंत्रित इस्तेमाल पर भी प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान किया जाएगा, लेकिन नई परंपराओं की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा को देखते हुए निर्धारित मानकों का पालन किया जाए और 10 से 12 फीट से अधिक ऊंची ताजियों को अनुमति न दी जाए। इससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और जुलूस सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सकेंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने 21 जून को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 59 जिलों में करीब साढ़े तीन लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर किराये में 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा ऐसे विद्यार्थियों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें परीक्षा केंद्र वाले जिले में ठहरने की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एनटीए के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए।
उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलने वाली अफवाहों तथा भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष योग दिवस “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के साथ मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों और 762 नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनसीसी, स्काउट-गाइड और एनएसएस के स्वयंसेवकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जनशिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में शिकायतों का समाधान संतोषजनक नहीं है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। साथ ही जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तैनाती नहीं है, वहां तीन दिन के भीतर नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री के इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत रखना, परीक्षार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध कराना और योग दिवस को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाना है। आने वाले दिनों में इन फैसलों का सीधा असर लाखों विद्यार्थियों, आम नागरिकों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर देखने को मिलेगा।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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