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अयोध्या में मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न पर सख्ती, 10 दिन में 54 चालान, 4 वाहन सीज

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अयोध्या,30 जुलाई(चौथा प्रहरी)। जिले में तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर और नियमों के खिलाफ लगाए गए प्रेशर हॉर्न पर परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद 21 जुलाई से 30 जुलाई तक जिले में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान 54 वाहनों का चालान किया गया, जबकि 4 वाहनों को सीज भी किया गया। अभियान का मकसद शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाना और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना था।

अयोध्या में मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के खिलाफ वाहन जांच करती परिवहन विभाग की टीम।
परिवहन विभाग की अलग-अलग प्रवर्तन टीमों ने शहर के प्रमुख बाजारों, मुख्य मार्गों और व्यस्त चौराहों पर वाहनों की जांच की। जांच के दौरान ऐसे दोपहिया और अन्य वाहन निशाने पर रहे, जिनमें नियमों के विपरीत मॉडिफाइड साइलेंसर लगाए गए थे या फिर प्रेशर हॉर्न और हूटर का इस्तेमाल किया जा रहा था।
अभियान के दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर वाले 21 वाहनों का चालान किया गया। वहीं प्रेशर हॉर्न और हूटर का इस्तेमाल करने वाले 33 वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई। बार-बार नियम तोड़ने या गंभीर उल्लंघन मिलने पर 4 वाहनों को बंद कर दिया गया।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन डॉ आरपी सिंह के मुताबिक जिले में 1 अप्रैल से 20 जुलाई 2026 के बीच भी ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई जारी रही। इस अवधि में मॉडिफाइड साइलेंसर के 77 और प्रेशर हॉर्न व हूटर के 220 चालान किए जा चुके हैं। ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कार्रवाई केवल सड़कों तक सीमित नहीं रही। विभाग की टीम ने शहर के कुछ प्रमुख मोटर गैराजों का भी निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान गैराज संचालकों को साफ चेतावनी दी गई कि वे किसी भी वाहन में नियमों के खिलाफ मॉडिफाइड साइलेंसर न लगाएं। एआरटीओ ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने पर गैराज संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
एआरटीओ डॉ सिंह  का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों में केवल मानक साइलेंसर और स्वीकृत उपकरणों का ही इस्तेमाल करें। इससे ध्वनि प्रदूषण कम होगा और सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों को भी परेशानी नहीं होगी। यह अभियान एआरटीओ डॉ आरपी सिंह एआरटीओ प्रवर्तन गुलाबचंद्र पीटीओ राजेश कुमार व रानी शहर के नेतृत्व में चला।
आगे क्या असर पड़ेगा?
अगर ऐसे अभियान लगातार चलते रहे तो सड़कों पर तेज आवाज वाले वाहनों की संख्या कम हो सकती है। इससे शहर में ध्वनि प्रदूषण घटेगा, यातायात नियमों का पालन बढ़ेगा और वाहन मालिकों के बीच भी नियमों के प्रति जागरूकता आएगी।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854

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