लखनऊ,30 जुलाई(चौथा प्रहरी)। योगी सरकार ने खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र को ग्रामीण रोजगार का बड़ा आधार बनाने की दिशा में नई गति देने के संकेत दिए हैं। गुरुवार को लखनऊ में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा और वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने योजनाओं की प्रगति, बजट खर्च, प्रशिक्षण व्यवस्था और लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं के लक्ष्य तय समय के भीतर पूरे किए जाएं ताकि अधिक से अधिक युवाओं और ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार का लाभ मिल सके।

बैठक में सबसे अधिक जोर मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और अन्य स्वरोजगार योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहा। मंत्री ने कहा कि बैंकों में लंबित ऋण आवेदनों का जल्द निस्तारण कराया जाए। इससे पात्र युवाओं को समय पर आर्थिक सहायता मिलेगी और नए रोजगार शुरू करने में देरी नहीं होगी।
सरकार ने प्रशिक्षण व्यवस्था को भी मजबूत करने की योजना बनाई है। समीक्षा के दौरान प्रशिक्षण केंद्रों की इमारतों, छात्रावास, सुरक्षा, उपकरण, वर्षा जल संचयन और अन्य सुविधाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी केंद्रों को आधुनिक संसाधनों से लैस किया जाए ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर हो और युवाओं को बाजार की जरूरतों के अनुसार कौशल मिल सके।
बैठक में खादी उत्पादों की बिक्री बढ़ाने पर भी विशेष चर्चा हुई। इसके लिए ब्रांडिंग, प्रचार और मार्केटिंग को मजबूत करने की रणनीति पर काम करने के निर्देश दिए गए। विभाग से कहा गया कि मौजूदा बिक्री केंद्रों और परिसंपत्तियों का सर्वे कराया जाए। जहां ग्राहकों की संख्या अधिक है, वहां नए खादी स्टोर खोलने की योजना तैयार की जाए। साथ ही विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर खादी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
कुशीनगर में बन रहे कॉमन फैसिलिटी सेंटर की प्रगति भी बैठक का अहम विषय रही। मंत्री ने मशीनों की खरीद और स्थापना का काम तेजी से पूरा कर केंद्र को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। यह केंद्र स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
बैठक में लंबित न्यायिक और विभागीय मामलों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों से कहा गया कि सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण हो और योजनाओं की नियमित निगरानी कर शासन को प्रगति रिपोर्ट भेजी जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिशिर, विशेष सचिव जय प्रकाश भारती सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आगे क्या असर होगा
यदि बैंक स्तर पर लंबित मामलों का तेजी से समाधान होता है और प्रशिक्षण केंद्रों का आधुनिकीकरण समय पर पूरा होता है, तो प्रदेश में खादी आधारित छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिल सकता है। नए बिक्री केंद्र और बेहतर मार्केटिंग से खादी उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ने और पारंपरिक कारीगरों की आय में सुधार की संभावना है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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