लखनऊ, 30जुलाई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण छात्रों और युवाओं के लिए पढ़ाई की सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य की 11,350 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जा रही हैं। इनका उद्देश्य गांवों में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि छात्रों को शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।

गांव में ही मिलेगी आधुनिक पढ़ाई की सुविधा
डिजिटल लाइब्रेरी योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में किताबों के साथ कंप्यूटर आधारित अध्ययन सामग्री, ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट और ऑनलाइन लर्निंग मॉड्यूल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा आधुनिक फर्नीचर और अध्ययन के अनुकूल वातावरण भी तैयार किया जा रहा है।
योजना के पहले चरण में कई जिलों में काम तेजी से पूरा हुआ है। हजारों ग्राम पंचायतों में पुस्तकें पहुंच चुकी हैं और बड़ी संख्या में लाइब्रेरी आधुनिक फर्नीचर से भी सुसज्जित हो चुकी हैं। प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर करीब 4 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिलेगा सहारा
इन लाइब्रेरियों में छात्रों के लिए 20 हजार से अधिक डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ई-बुक्स, वीडियो क्लास, ऑडियो लेक्चर, प्रैक्टिस टेस्ट और इंटरैक्टिव क्विज शामिल हैं। इससे पुलिस, शिक्षक, एसएससी, बैंकिंग और अन्य सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले युवाओं को गांव में ही बेहतर संसाधन मिल सकेंगे।
मथुरा की सफलता बनी मिसाल
योजना का असर अब सामने भी आने लगा है। मथुरा जिले की अडिंग ग्राम पंचायत की डिजिटल लाइब्रेरी से पढ़ाई करने वाले टिटू शर्मा और मनीष यादव का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (SI) पद पर हुआ है। दोनों को जिला प्रशासन ने सम्मानित भी किया। यह उदाहरण बताता है कि यदि गांव में बेहतर अध्ययन संसाधन उपलब्ध हों तो ग्रामीण प्रतिभाएं भी बड़ी प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल कर सकती हैं।
शिक्षा के साथ डिजिटल जागरूकता भी बढ़ेगी
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल लाइब्रेरी केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेंगी। यहां छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल तकनीक के उपयोग और नई शिक्षा पद्धति से भी जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और पढ़ाई का स्तर भी बेहतर होगा।
आगे क्या असर होगा
यदि योजना तय समय पर पूरी होती है तो प्रदेश के लाखों ग्रामीण छात्रों को अपने गांव में ही आधुनिक अध्ययन सुविधाएं मिलेंगी। इससे कोचिंग और अध्ययन के लिए शहरों की ओर पलायन कम हो सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ग्रामीण युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के अवसरों तक उनकी पहुंच मजबूत होगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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