लखनऊ, 14 अप्रैल।भारत रत्न’ डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को लखनऊ स्थित अपने कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने बाबा साहब के विचारों और उनके संघर्षमय जीवन को समाज के लिए मार्गदर्शक बताया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर का संपूर्ण जीवन ही एक सशक्त संदेश है। उन्होंने अपने कठिन संघर्ष, उच्च शिक्षा और अटूट संकल्प के बल पर समाज के वंचित, शोषित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहब के आदर्श और उनका जीवन दर्शन आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं। यदि समाज उनके सिद्धांतों को अपनाए, तो समानता और न्याय पर आधारित एक सशक्त और समतामूलक व्यवस्था का निर्माण संभव है। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा को समाज में बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम बताया, जिसे बाबा साहब ने अपने जीवन में अपनाया और प्रचारित किया।
श्री मौर्य ने कहा कि सामाजिक न्याय के अग्रदूत और भारतीय संविधान के शिल्पी के रूप में डॉ. आंबेडकर का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने न केवल संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि वंचितों, श्रमिकों और किसानों को उनके अधिकार दिलाने के लिए ऐतिहासिक प्रयास किए। उनके द्वारा स्थापित समता, न्याय और मानव गरिमा के सिद्धांत आज भी देश की विकास यात्रा के आधार स्तंभ हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ बाबा साहब के सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और ‘पंचतीर्थ’ जैसे प्रेरक प्रयासों के माध्यम से सरकार उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचा रही है।
उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब का संघर्षमय जीवन हमें कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। आज के युवाओं को विशेष रूप से उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि केवल श्रद्धांजलि देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बाबा साहब के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करना अधिक आवश्यक है। यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी और यही एक मजबूत, समतामूलक और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे बाबा साहब के आदर्शों को अपनाते हुए समाज में समानता, भाईचारे और न्याय की भावना को मजबूत करें, ताकि एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण किया जा सके।
Author: Chautha Prahari
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