लखनऊ,17जून(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और अवैध यात्री परिवहन पर रोक लगाने के लिए 19 जून को एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की जाएगी। यह बैठक अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात एवं सड़क सुरक्षा) ए. सतीश गणेश की अध्यक्षता में शाम 4 बजे होगी। इसमें प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक और यातायात प्रभारी अधिकारी शामिल होंगे।
बैठक में परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी भाग लेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े कई अहम विषयों पर समीक्षा और चर्चा की जाएगी।

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा राजस्थान के फलोदी में हुई सड़क दुर्घटना के संबंध में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा है। इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जानकारी eDAR प्रणाली पर दर्ज करने और विक्टिम आईडी जनरेट करने की प्रगति भी देखी जाएगी।
यातायात निदेशालय ने सभी जिलों को सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए मुख्य मार्गों, चौराहों और तिराहों पर बड़े आकार के होर्डिंग लगाने पर भी जोर दिया है। सप्ताहांत में चलाए जा रहे विशेष अभियानों के दौरान “मीट एंड ग्रीट” कार्यक्रमों की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।
बैठक में परिवहन निगम और अनुबंधित बसों के खिलाफ जारी ई-चालानों की समीक्षा होगी। इसके अलावा डग्गामार और अवैध यात्री वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के लिए संयुक्त अभियान की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म जैसे RedBus, MakeMyTrip और AbhiBus के माध्यम से सीटवार बुकिंग तथा परमिट शर्तों के उल्लंघन के मामलों की भी समीक्षा होगी। अधिकारियों को यह देखने के निर्देश दिए जाएंगे कि कहीं नियमों का उल्लंघन कर यात्रियों का परिवहन तो नहीं किया जा रहा है।
निजी पंजीकरण वाले Ertiga, Innova, Maruti Van और अन्य वाहनों के जरिए किए जा रहे अवैध यात्री परिवहन पर भी विशेष चर्चा होगी। ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
बैठक में परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और UPSRTC की संयुक्त प्रवर्तन टास्क फोर्स के गठन पर भी विचार किया जाएगा। साथ ही बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों और संचालकों के खिलाफ विशेष दंडात्मक कार्रवाई की रणनीति तय की जाएगी।
इसके अलावा ZFD योजना के तहत 37 जिलों में चिन्हित 113 नए क्रिटिकल थानों के विस्तार और उनसे जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी चर्चा होगी।
इस बैठक के बाद प्रदेश में सड़क सुरक्षा अभियानों को और गति मिलने की संभावना है। अवैध यात्री परिवहन, डग्गामार वाहनों और बार-बार नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तेज हो सकती है। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं के मामलों की निगरानी और पीड़ितों को सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बनने की उम्मीद है।
अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन केडी सिंह गौर ने बुधवार को बताया कि 18 जून को होने वाली समीक्षा बैठक अब 19 जून को होगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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