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5 स्तरीय सुरक्षा घेरे में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, पीएम मोदी के दौरे से पहले हाईटेक निगरानी चाक-चौबंद

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नोएडा/जेवर, 27 मार्च। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में स्थित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह और प्रस्तावित जनसभा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक मजबूत किया गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की प्रस्तावित उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र को 5-स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक, खुफिया एजेंसियों का समन्वय और भारी पुलिस बल की तैनाती शामिल है।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर तैयार
जेवर एयरपोर्ट का दृश्य photo credit chautha Prahari

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देशों के अनुरूप यह पूरी व्यवस्था पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में संचालित की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील कार्यक्रम मानते हुए हर स्तर पर सतर्कता बरती है।
🔐 5-स्तरीय सुरक्षा घेरा और एसपीजी समन्वय
नोएडा के जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा के अनुसार, कार्यक्रम स्थल के आसपास मल्टी-लेयर सिक्योरिटी आर्किटेक्चर तैयार किया गया है। इसमें बाहरी परिधि से लेकर वीवीआईपी जोन तक पांच अलग-अलग सुरक्षा रिंग बनाई गई हैं।
स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के साथ निरंतर समन्वय रखते हुए सभी प्रवेश बिंदुओं पर सघन चेकिंग, बैगेज स्क्रीनिंग और पहचान सत्यापन किया जा रहा है। 100 से अधिक एंट्री गेट्स पर 200 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं, जबकि महिलाओं के लिए अलग से चेकिंग व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
👮‍♂️ 5000 सुरक्षाकर्मी और कई एजेंसियों की तैनाती
सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के करीब 5000 अधिकारियों और जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा पीएसी, आरएएफ, एटीएस और सीआईएसएफ जैसी एजेंसियों की संयुक्त तैनाती की गई है।
एयरपोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पहले से मौजूद पुलिस चौकियों को भी अतिरिक्त बल से सशक्त किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।
🚁 एंटी-ड्रोन और बम निरोधक दस्ते अलर्ट
कार्यक्रम स्थल पर एंटी-सैबोटाज चेकिंग के साथ बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS), एंटी-माइंस टीम और स्निफर डॉग्स को तैनात किया गया है।
एंटी-ड्रोन सिस्टम के जरिए आसमान से निगरानी की जा रही है, जबकि क्विक रिएक्शन टीम्स को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
📡 इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और स्टेट इंटेलिजेंस यूनिट्स के साथ रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन स्थापित किया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि अफवाहों और संभावित खतरों को समय रहते रोका जा सके।
🎥 सीसीटीवी कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क
पूरे एयरपोर्ट परिसर और कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरों का व्यापक नेटवर्क स्थापित किया गया है। इसके लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
साथ ही आम जनता की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलिस हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं, जिससे लोगों को तुरंत सहायता मिल सके।
🚑 आपदा प्रबंधन और चिकित्सा तैयारियां
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड पर हैं। फायर ब्रिगेड, फायर टेंडर, मेडिकल डेस्क, एम्बुलेंस और विशेष एम्बुलेंस कॉरिडोर की व्यवस्था की गई है।
इसके साथ ही एवैक्यूएशन रूट और असेंबली प्वाइंट पहले से तय कर मॉक ड्रिल भी कराई गई है।
🚗 ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग प्लान
यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। लगभग 15 निर्धारित पार्किंग स्थलों पर 20,000 से अधिक वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग के जरिए जाम की स्थिति से बचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
🌉 यमुना क्षेत्र में भी कड़ी निगरानी
कार्यक्रम स्थल के पास यमुना नदी होने के कारण नदी क्षेत्र में भी विशेष पेट्रोलिंग की जा रही है। पूरे इलाके को नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है और ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

Vinay Prakash Singh Editor in Chief M.N0- 9454215946 Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854