लखनऊ, 22मई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में बढ़ते गन कल्चर को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कई प्रभावशाली नेताओं और बाहुबलियों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच के आदेश दिए हैं। इनमें Brij Bhushan Sharan Singh, Raghuraj Pratap Singh, Dhananjay Singh समेत कई नाम शामिल हैं। कोर्ट ने इन लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि और उन्हें मिली सरकारी सुरक्षा का पूरा ब्यौरा तलब किया है।

यह आदेश संतकबीर नगर निवासी जयशंकर की ओर से दाखिल याचिका पर दिया गया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि प्रदेश में शस्त्र लाइसेंस देने और उनके नवीनीकरण में नियमों का कितना पालन हो रहा है।
सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उत्तर प्रदेश में 10 लाख से ज्यादा शस्त्र लाइसेंस जारी हैं। इनमें 6 हजार से ज्यादा ऐसे लोगों के पास हैं जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह जानकारी सामने आने के बाद कोर्ट ने नाराजगी जताई।
हाईकोर्ट ने कहा कि जिन प्रभावशाली लोगों के नाम सरकारी हलफनामों में नहीं हैं, उनकी भी पूरी आपराधिक कुंडली पेश की जाए। कोर्ट ने खास तौर पर उन लोगों की जानकारी मांगी है जिन्हें सरकारी सुरक्षा भी मिली हुई है।
मामले में यह भी सवाल उठा कि क्या गंभीर आरोपों और आपराधिक मामलों का सामना कर रहे लोगों को हथियार रखने की अनुमति दी जानी चाहिए। कोर्ट अब यह देखना चाहता है कि शस्त्र लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में कहीं नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई।
इस मामले की अगली सुनवाई में सरकार को विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी। माना जा रहा है कि कोर्ट की सख्ती के बाद प्रदेश में शस्त्र लाइसेंसों की जांच और नियमों को लेकर बड़ा अभियान चल सकता है। इसका असर आने वाले समय में लाइसेंस जारी करने और नवीनीकरण की प्रक्रिया पर भी दिखाई दे सकता है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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